पालघर (मनोर):
[ संवाददाता/ हिंद आवाज मीडिया नेटवर्क:]
पालघर जिले के मनोर बाजारपेठ इलाके में पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मनोर पुलिस स्टेशन की टीम ने बाजारपेठ में स्थित दो अलग-अलग किराना दुकानों और उनके गुप्त गोदामों पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान दुकानों के पिछले हिस्सों में अवैध रूप से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में प्रतिबंधित गुड़, नवसागर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रतिबंधित गुटखा बरामद किया गया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 2,46,500/- रुपये (दो लाख छियालीस हजार पाँच सौ रुपये) का माल जब्त करते हुए दोनों नामजद दुकानदारों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
तहलका, छापेमारी और पूरा घटनाक्रम: कब और कैसे हुई कार्रवाई?
दिनांक 04 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 03:00 बजे मनोर पुलिस स्टेशन के सतर्क दल को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि मनोर बाजारपेठ क्षेत्र की कुछ किराना दुकानों में अवैध रूप से प्रतिबंधित गुड़, नवसागर और प्रतिबंधित गुटखा-तंबाकू का भारी स्टॉक किया गया है और यहीं से इसकी अवैध बिक्री का काला कारोबार चल रहा है।
इस पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने पंचों को साथ लेकर बाजारपेठ स्थित दो संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी:
- पहली बड़ी दबिश – ललित किराना दुकान (FIR No. 0227/2026):
पंकज ज्वेलर्स के ठीक सामने स्थित ‘ललित किराना दुकान’ के मालिक आशिष प्रकाश जैन (उम्र- 37 वर्ष, निवासी- मुर्कुंद जीवन कॉम्प्लेक्स, मनोर) की दुकान पर पुलिस ने छापा मारा। जब दुकान की गहन तलाशी ली गई, तो पीछे बने गोदाम से काले गुड़ से भरे कुल 136 कट्टे (बोरे) बरामद हुए। इस जप्त किए गए कुल माल का मूल्यांकन 2,04,000/- रुपये आंका गया है। आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। - दूसरी बड़ी दबिश – समीपवर्ती किराना दुकान व गोदाम (FIR No. 0228/2026):
ठीक इसी ठिकाने के पास स्थित एक अन्य किराना दुकान और उसके गोदाम के मालिक नितीन मल्लील लाल जैन (उम्र- 40 वर्ष, निवासी- अमरदीप सोसायटी, मनोर, पालघर) के यहां भी पुलिस ने औचक कार्रवाई की। तलाशी के दौरान वहां से ‘Best Quality Jaggery (Gud) Powder’, सड़े हुए गुड़ की बोरियां, प्रतिबंधित ‘HANUMAN’ ब्रांड का गुटखा और अन्य प्रतिबंधित खाद्य सामग्री के कई डिब्बे तथा बोरे हाथ लगे। इस ठिकाने से कुल 1,07,060/- रुपये (जिसमें 42,500/- रुपये का मुख्य माल शामिल है) की जब्ती बनाई गई। इस मामले में भी पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है।
विशेष विश्लेषण: अवैध कारोबार के जाल पर पुलिस की पैनी नजर - स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और एक्साइज विंग की सक्रियता: मनोर बाजारपेठ जैसी व्यस्त व्यावसायिक जगहों पर इस तरह बड़े पैमाने पर सड़े हुए गुड़, नवसागर और प्रतिबंधित गुटखों का भंडारण यह साबित करता है कि स्थानीय स्तर पर अवैध धंधेबाजों के हौसला बुलंद थे। इस प्रकार के अवैध गुड़ का उपयोग अक्सर अवैध शराब (हाूची/कच्ची शराब) बनाने के लिए किया जाता है, जो आम जनता की सेहत के लिए घातक है। पुलिस की इस समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है।
- कार्रवाई के मुख्य बिंदु एक नजर में:
- घटना दिनांक: 04 नवंबर 2026
- क्षेत्र: मनोर बाजारपेठ, मनोर, पालघर (महाराष्ट्र)
- मुख्य जांचकर्ता: पुलिस नाईक प्रवीण सोन्या धोत्रे व जांच टीम
- कानूनी शिकंजा: महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम, 1949 की धारा 65(f) के तहत पृथक-पृथक FIR
- कुल जब्ती: ₹ 2,46,500/-
खाकी की इस ताबड़तोड़ और अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है। राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया के मानकों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि पुलिस अब ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि इस अवैध गुड़ और प्रतिबंधित गुटखा आपूर्ति के नेटवर्क के तार अन्य किन-किन लोगों से जुड़े हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।




