पालघर, 26 अक्टूबर 2026: पालघर जिले के फल उत्पादक किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना के अंतर्गत आंबिया बहार 2026 लागू की गई है। कृषि विभाग ने जिले के अधिसूचित क्षेत्रों में आने वाले पात्र किसानों से योजना में पंजीकरण कराकर अपनी फल फसलों को बीमा सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
इस योजना में पालघर जिले के लिए आम, काजू, केला, नारियल और सुपारी की फसलों को शामिल किया गया है। योजना के तहत पात्र कर्जदार और गैर-कर्जदार किसान स्वेच्छा से भाग ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए न्यूनतम 10 गुंठे यानी 0.10 हेक्टेयर उत्पादनक्षम क्षेत्र होना आवश्यक है। दोनों मौसमों को मिलाकर प्रति किसान अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्र तक की सीमा निर्धारित की गई है।
किस फसल के लिए कितना बीमा और कब तक पंजीकरण?
योजना के अंतर्गत केला और नारियल की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 70 हजार रुपये की बीमित राशि निर्धारित है। इसके लिए बीमा प्रीमियम 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर है। इन दोनों फसलों के लिए पंजीकरण की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।
सुपारी की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की बीमित राशि और 5,000 रुपये का बीमा प्रीमियम निर्धारित किया गया है। सुपारी के लिए भी पंजीकरण की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।
आम की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 70 हजार रुपये की बीमित राशि और 8,500 रुपये का प्रीमियम निर्धारित किया गया है। आम के लिए पंजीकरण की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है।
काजू की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 20 हजार रुपये की बीमित राशि और 6,000 रुपये का प्रीमियम निर्धारित है। काजू उत्पादक किसान 30 नवंबर 2026 तक पंजीकरण करा सकते हैं।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना में शामिल होने के लिए किसानों के पास AgriStack के अंतर्गत किसान पहचान पत्र यानी Farmer ID होना आवश्यक है। इसके अलावा डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) में संबंधित फल फसल का रिकॉर्ड दर्ज होना चाहिए।
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, सातबारा भूमि रिकॉर्ड, फल बागान की जियो-टैग की गई तस्वीर और आवश्यकतानुसार पंजीकृत किरायेदारी समझौता प्रस्तुत करना होगा।
केवल उत्पादनक्षम फल बागानों को ही बीमा सुरक्षा मिलेगी। यदि निर्धारित आयु सीमा से कम उम्र के बागान का पंजीकरण किया जाता है और जांच में वह अपात्र पाया जाता है, तो बीमा सुरक्षा अस्वीकार की जा सकती है।
कृषि विभाग के अनुसार, किसी तालुका में 500 से अधिक आवेदन आने पर बीमा कंपनी रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से फल बागानों के क्षेत्र का सत्यापन करेगी। 500 से कम आवेदन होने पर कृषि विभाग के सहयोग से सत्यापन किया जाएगा। बीमा आवेदन में गलत जानकारी मिलने पर किसान की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों से की अपील
पालघर के उपविभागीय कृषि अधिकारी विश्वास बर्वे ने पात्र आम, काजू, केला, नारियल और सुपारी उत्पादक किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना में पंजीकरण कराने की अपील की है। योजना की शर्तों, अधिसूचित राजस्व मंडलों और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि अधिकारी, उप कृषि अधिकारी या तालुका कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


