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पालघर: सूर्या परियोजना प्रभावितों को बड़ी राहत; हनुमाननगर और नेवाले के पात्र किसानों को मिलेंगे नए 7/12 उतारे

On: Thursday, October 1, 2026 10:08 PM
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पालघर, 29 सितंबर 2026(खबरदीप जनमंच नेटवर्क)
पालघर तहसील के मौजे हनुमाननगर और मौजे नेवाले क्षेत्र के सूर्या परियोजना से प्रभावित किसानों और भूमि स्वामियों (खातेदारों) के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में सूर्या परियोजना प्रभावित किसानों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड (कागजात) को लेकर एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
शासन के इस फैसले से वर्षों से लंबित पड़ी जमीन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और पात्र किसानों को उनकी वास्तविक खेती व कब्जे के अनुसार नए और अद्यतन (अपडेटेड) 7/12 (सात-बारा) खतौनी/उतारे प्रदान किए जाएंगे।
जानिए मंत्रिमंडल का क्या है निर्णय?
मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, संबंधित मामलों का *महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 257* के तहत मामला-दर-मामला (प्रकरणवार) पुनरीक्षण (रिव्यू) किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में निम्नलिखित आधारों पर पारदर्शी जांच की जाएगी:
 • पूर्व में दिए गए जमीन आवंटन आदेश।
 • उपलब्ध सरकारी महसूली रिकॉर्ड (राजस्व दस्तावेज)।
 • जमीन पर किसानों का प्रत्यक्ष वास्तविक कब्जा और खेती की स्थिति।
 •आवश्यक क्षेत्रीय (स्थल पर जाकर की जाने वाली) पड़ताल।
इन सभी उपलब्ध साक्ष्यों और मौके की जांच के बाद पात्र पाए गए किसानों के भूमि रिकॉर्ड अद्यतन (अपडेट) किए जाएंगे और उन्हें नए 7/12 उतारे जारी किए जाएंगे।
किसानों को होंगे ये बड़े फायदे
7/12 रिकॉर्ड के सही और अपडेट होने से स्थानीय किसानों को कई प्रशासनिक व वित्तीय सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी:
 1. सरकारी योजनाओं का लाभ: कृषि विभाग और राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचेगा।
 2. फसल ऋण व बीमा: अद्यतन 7/12 उतारे उपलब्ध होने से किसानों को राष्ट्रीयकृत व सहकारी बैंकों से फसल ऋण (क्रॉप लोन) और फसल बीमा (क्रॉप इंश्योरेंस) लेने में कोई कठिनाई नहीं आएगी।
 3. पारदर्शी भूमि व्यवहार: जमीन से जुड़े किसी भी प्रकार के कानूनी या प्रशासनिक लेन-देन में सुगमता आएगी।
 4. वधावन बंदरगाह प्रोजेक्ट में सुविधा: वधावन बंदरगाह से संबंधित प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान जमीन मालिकों के अधिकारों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करना आसान होगा, जिससे प्रभावितों को उनके अधिकार और मुआवजा मिलने में तेजी आएगी।
जिला प्रशासन की रहेगी मुख्य भूमिका
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमानुसार लागू करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। पालघर जिला प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग, पुनर्वास विभाग और भूमि अभिलेख (लैंड रिकॉर्ड्स) विभाग के बीच समन्वय (तालमेल) बनाकर पूरी प्रक्रिया को नियमबद्ध तरीके से समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
> “राज्य मंत्रिमंडल का यह निर्णय सूर्या परियोजना से प्रभावित परिवारों के हक और न्याय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित विभागों के समन्वय से इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि पात्र खातेदारों को उनका अधिकार मिल सके।”
डॉ. इंदू रानी जाखड़, जिलाधिकारी, पालघर

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