बोईसर (पालघर):
पालघर जिले के बोईसर में ‘हरिदया फाउंडेशन (रजि.)’ द्वारा एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान और सामाजिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस मानवीय अभियान में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके चलते कुल 126 देशभक्त रक्तदाताओं ने रक्तदान कर इस पुनीत कार्य को सफल बनाया।
कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत राष्ट्रगौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदन के साथ की गई।
प्राध्यापक किरण थोरात ने 107वीं बार किया रक्तदान, बने युवाओं के प्रेरणास्रोत
इस पूरे शिविर का सबसे मुख्य और प्रेरणादायी आकर्षण सुप्रसिद्ध रक्त कर्ण प्राध्यापक किरण थोरात रहे। उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस शिविर में 107वीं बार रक्तदान किया। उनके इस अद्भुत जज्बे को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने उनकी सराहना की। उन्होंने समाज और खासकर आज की युवा पीढ़ी के सामने एक ऐसा अनुपम उदाहरण पेश किया, जो हर किसी को रक्तदान के लिए प्रेरित करता है।
दो प्रमुख ब्लड बैंकों का मिला सहयोग, डॉक्टरों और स्टाफ का जताया आभार
इस शिविर में रक्त संकलन (Blood Collection) का काम दो नामचीन सरकारी और मान्यता प्राप्त ब्लड बैंकों की देखरेख में सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया:
- एसबीटीसी (स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल), पालघर
- पतंगशाह कुटीर रुग्णालय रक्त केंद्र, जव्हार
सफल आयोजन के बाद संस्था की ओर से दोनों ब्लड बैंकों के डॉक्टरों, नर्सों और सहयोगी स्टाफ को गुलाब का फूल भेंट कर उनके इस निस्वार्थ सेवा कार्य के लिए धन्यवाद दिया गया। इसके साथ ही, शिविर की व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग देने के लिए बोईसर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रबंधक (स्टेशन सुपरिंटेंडेंट) को भी पुष्पगुच्छ (बुके) देकर सम्मानित किया गया और उनके प्रति आभार जताया गया। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बांटे 3000 सीड बॉल्स, अंगदान के लिए किया जागरूक
हरिदया फाउंडेशन ने इस मौके पर सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और महादान के प्रति भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
- 3,000 सीड बॉल्स का वितरण: आने वाले मानसून के मौसम में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागरिकों को 3000 सीड बॉल्स (बीज के गोले) बांटे गए।
- महादान के प्रति जागरूकता: शिविर में आए लोगों को नेत्रदान, अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया, ताकि मृत्यु के बाद भी लोगों का जीवन रोशन किया जा सके। राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन, इन कार्यकर्ताओं ने बहाया पसीना
पूरे उत्साह के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर किया गया। इस बड़े और सफल आयोजन को जमीन पर उतारने तथा इसे पूरी तरह कामयाब बनाने में विजय पाटील, रवींद्र यादव, मुकेश, योगेश, शिवाजी, शैलेश और संस्था के अन्य सहयोगियों ने दिन-रात एक करके अथक परिश्रम किया।
मुख्य आयोजक का संदेश
“रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है क्योंकि यह सीधे किसी मरते हुए व्यक्ति को नया जीवन देता है। हमारी संस्था स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों मोर्चों पर समाज को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”







