पालघर, ६ जुलाई २०२६: पालघर जिले के केळवा बांध में भारी बारिश के कारण जलस्तर अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच गया है। बांध के १०० प्रतिशत भर जाने के बाद, सुरक्षा मानकों के तहत प्रशासन ने २.९५१ क्यूसेक पानी का विसर्जन (डिस्चार्ज) शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लिए सतर्कता का अलर्ट जारी किया है।
जिलाधिकारी की अपील और प्रशासन की तैनाती
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने नागरिकों से घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बांध के निचले इलाकों की सुरक्षा के लिए राजस्व, पुलिस और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीमें तैनात कर दी गई हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख स्वयं पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
इन गांवों के नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश
प्रशासन ने निम्नलिखित गांवों के निवासियों को नदी के जलप्रवाह और बांध के स्पिलवे के पास न जाने की चेतावनी दी है:
- दसमाला, भूतान माळ, झांझरोली, भरणपाडा, टोकराळे, देवीपाडा, देवशेत पाडा, मायखोप, पाटीलपाडा, पळगेपाडा, तरडेपाडा, बेंदळी, राठे, रवलपाडा और माकुणसार।
प्रशासन के मुख्य निर्देश: - नदी-नालों या जलप्रवाह के पास जाने से बचें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें।
- प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करें।
बांध की पृष्ठभूमि - वर्ष १९८१ में निर्मित यह केळवा बांध पिछले ४५ वर्षों से पालघर क्षेत्र के लिए सिंचाई का मुख्य आधार रहा है। ३.२४२ मिलियन क्यूबिक मीटर की क्षमता वाला यह बांध वर्तमान में पूरी तरह लबालब भरा हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी रखी है।








