छपरा /लखनऊ
बिहार के छपरा जंक्शन से चलकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (गोमतीनगर) पहुंचने वाली ट्रेन संख्या 15114 (छपरा – गोमतीनगर एक्सप्रेस) के स्लीपर कोच में मिले महिला के क्षत-विक्षत शव के मामले में रेलवे पुलिस (GRP) और उत्तर प्रदेश-बिहार की संयुक्त जांच टीमों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस अंधी हत्याकांड को लेकर दो राज्यों की पुलिस परेशान थी, उसकी कड़ियां अंततः ‘ऑनर किलिंग’ (पारिवारिक प्रतिष्ठा के नाम पर हत्या) से जुड़ी निकलीं। पुलिस ने मृतका के सगे पिता और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
1. कैसे हुआ इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा?
घटना की शुरुआत रविवार, 17 मई 2026 की सुबह हुई। छपरा से चलकर सुबह करीब 06:00 से 06:35 बजे के बीच गोमतीनगर एक्सप्रेस लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन पर आकर रुकी। जब सभी यात्री ट्रेन से उतर गए, तब रूटीन सफाई के लिए रेलवे के सफाईकर्मी स्लीपर कोच S-1 (बोगी नंबर 217570/NER) के भीतर दाखिल हुए।
शौचालय (Lavatory) के पास वाली सीट के नीचे एक लावारिस भारी-भरकम टिन का बक्सा और एक बड़ा कार्गो बैग जबरन ठूंसा हुआ मिला। बक्से के कोनों से खून की बूंदें टपकती देख सफाईकर्मियों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) को दी।
2. बक्सा खुलते ही कांप उठे देखने वाले
सूचना मिलते ही जीआरपी के आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। बक्से पर लगा ताला जब हथौड़े से तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर खौफनाक था। बक्से के भीतर एक युवती का बिना सिर वाला धड़ (Torso) रखा हुआ था, जो सलवार-कुर्ती पहने हुए थी। वहीं पास में रखे कार्गो बैग को जब खोला गया, तो उसमें पॉलिथीन के भीतर अलग से काटकर छिपाए गए महिला के हाथ और पैर बरामद हुए। मृतका का सिर गायब था और शरीर पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे।
3. बिहार से यूपी तक जांच का दायरा और सीसीटीवी (CCTV) खंगालना
चूंकि ट्रेन बिहार के छपरा जंक्शन से खुली थी और सीवान, गोपालगंज, थावे जंक्शन, कप्तानगंज और गोरखपुर होते हुए लखनऊ पहुंची थी, इसलिए पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि शव को किस स्टेशन से ट्रेन के अंदर रखा गया।
शुरुआत में छपरा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 8 के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन वहां कोई संदिग्ध बक्सा ले जाता नहीं दिखा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए बिहार के थावे जंक्शन, गोपालगंज और यूपी के सीमावर्ती स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
4. मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पिता ही निकला कातिल
राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) लखनऊ के पुलिस अधीक्षक (SP Railway) रोहित मिश्रा के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की सेवरही थाना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गुत्थी को सुलझा लिया।
मृतका की पहचान: मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी के रूप में हुई।
हत्या की वजह: पुलिस जांच और सर्विलांस इनपुट के आधार पर मृतका के सगे पिता (विग्गन) को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी पिता ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर पारिवारिक प्रतिष्ठा और आपसी विवाद (ऑनर किलिंग) के चलते इस नृशंस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
हथियार और सिर की बरामदगी: पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार (आलाकत्ल) बरामद कर लिया है, जबकि गायब सिर की तलाश में पुलिस की टीमें बिहार-यूपी सीमा पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
5. सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
चलती ट्रेन के स्लीपर कोच में इतना बड़ा टिन का बक्सा और भारी कार्गो बैग, जिसमें शव के टुकड़े भरे थे, लाद दिया गया और रेलवे सुरक्षा तंत्र को भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के सामानों की चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी है।
- ब्यूरो रिपोर्ट, हिंद आवाज मीडिया







