विशेष रिपोर्ट: हिंद आवाज मीडिया नेटवर्क
पालघर/बोईसर: पालघर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) श्री यतिश देशमुख के कुशल नेतृत्व में बोईसर पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने एक बेहद संवेदनशील और खूंखार वारदात की गुत्थी को महज ५ दिनों के भीतर सुलझा लिया है। बोईसर के सालवड इलाके में जाल बिछाकर पुलिस ने उस शातिर अपराधी को दबोच लिया है, जिसने चंद रुपयों के मंगलसूत्र के लिए एक महिला पर जानलेवा हमला किया था। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय ने २० मई २०२६ तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
वारदात का पूरा सच:
जब बहादुरी के आगे पस्त हुआ अपराधी
घटना ११ मई २०२६ की है। बोईसर के अनुग्रह होटल के पास स्थित ‘मंगलम अपार्टमेंट’ की रहने वाली २८ वर्षीय पूजा दक्षीला मख्याना रोज़ की तरह रात के समय बिल्डिंग के नीचे बेजुबान आवारा कुत्तों को रोटी खिला रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक अज्ञात शातिर अपराधी ने उनके गले से सोने का मंगलसूत्र जबरन छीनने की कोशिश की।
आमतौर पर ऐसी वारदातों में लोग डर जाते हैं, लेकिन पूजा ने अदम्य साहस दिखाते हुए उस लुटेरे का कड़ा विरोध किया और शोर मचाना शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख और पकड़े जाने के डर से बौखलाए अपराधी ने अपने पास छिपे छोटे और बेहद धारदार हथियार से पूजा के चेहरे पर सीधे जानलेवा वार कर दिया। पूजा ने खुद का बचाव करने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर चोट आने के कारण लहूलुहान होकर वहीं गिर गईं और आरोपी मौके से फरार हो गया। इस खौफनाक वारदात के बाद बोईसर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा ३०९(६) के तहत गंभीर मामला दर्ज किया गया था।
ग्राउंड रिपोर्ट: सीसीटीवी (CCTV) और खुफिया तंत्र ने बिछाया जाल
इस वारदात ने बोईसर इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे, जिससे पुलिस प्रशासन पर भी भारी दबाव था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पालघर पुलिस कप्तान श्री यतिश देशमुख ने तुरंत बोईसर पुलिस और एलसीबी की संयुक्त विशेष टीम को मैदान में उतारा।
पुलिस की तकनीकी टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एक तरफ जहां कैमरों से संदिग्ध की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ पुलिस के खुफिया तंत्र (गोपनीय मुखबिरों) को भी सक्रिय किया गया। आखिरकार, तकनीकी विश्लेषण और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने १६ मई २०२६ को आरोपी को बोईसर के सालवड परिसर से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
कौन है पकड़ा गया आरोपी?
पुलिस गिरफ्त में आए इस शातिर आरोपी की पहचान भगवान शांताराम चव्हाण (उम्र ४० वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी फिलहाल सालवड में पानी की टंकी के पास एक चाल में छिपकर रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास आजोंदे, तहसील-मालेगांव (जिला-नाशिक) है।
पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां कोर्ट ने अपराध की गंभीरता, हथियार की बरामदगी और मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपी को २० मई २०२६ तक पुलिस कस्टडी (रिमांड) में रखने का आदेश दिया है। मामले की आगे की कमान पुलिस उप-निरीक्षक चंद्रकांत हाके संभाल रहे हैं।
इन अधिकारियों और जवानों की मुस्तैदी से मिली सफलता
इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने में पालघर के पुलिस अधीक्षक श्री यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक श्री विनायक नरले और उप-विभागीय पुलिस अधिकारी श्री विकास नाईक के सटीक मार्गदर्शन ने मुख्य भूमिका निभाई।
वहीं ज़मीन पर इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में बोईसर के पुलिस निरीक्षक श्री सुनील जाधव, उप-निरीक्षक चंद्रकांत हाके सहित पुलिस हवलदार विजय दुबला, जयराम चौधरी, सचिन जाधव, योगेश गावीत, गणेश हुसकोटी, मयूर पाटिल, धीरज सालुंखे, देवेंद्र पाटिल, मच्छिंद्र घुगे, सचिन सोनवणे और रोहित पाटिल जैसे जांबाज पुलिसकर्मी शामिल रहे। पालघर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जनता और स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है।
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