हिंद आवाज मीडिया (विशेष ब्यूरो): महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने महाराष्ट्र विधान परिषद (Legislative Council) की 16 स्थानीय निकाय निर्वाचन सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इन सीटों पर लंबे समय से चुनाव का इंतजार किया जा रहा था। आयोग द्वारा तारीखों का एलान किए जाने के साथ ही संबंधित सभी क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी टाइम-टेबल के अनुसार, इन सभी 16 सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 22 जून 2026 को मतगणना होगी और इसी दिन चुनावी नतीजे भी स्पष्ट हो जाएंगे।
इन 16 निर्वाचन क्षेत्रों में मचेगा चुनावी घमासान
महाराष्ट्र के जिन प्रमुख जिलों और स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों में यह चुनाव होने जा रहे हैं, उनकी विस्तृत सूची इस प्रकार है:
- सोलापुर
- अहमदनगर
- ठाणे
- जलगांव
- सांगली-सतारा
- नांदेड़
- यवतमाल
- पुणे
- भंडारा-गोंदिया
- रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
- नासिक
- वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली
- अमरावती
- उस्मानाबाद-लातूर-बीड़
- परभणी-हिंगोली
- औरंगाबाद-जालना
आखिर क्यों टले थे अब तक ये चुनाव? जानिए क्या है तकनीकी नियम
कई पाठकों और राजनीतिक विश्लेषकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इन सीटों पर सदस्यों का कार्यकाल काफी समय पहले ही समाप्त हो चुका था, तो फिर चुनाव कराने में इतनी देरी क्यों हुई?
दरअसल, इसके पीछे चुनाव आयोग का एक बेहद कड़ा और अनिवार्य नियम है। नियमानुसार, किसी भी स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद का चुनाव तभी कराया जा सकता है, जब वहां कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय निकाय (जैसे नगर पालिका, जिला परिषद, नगर निगम आदि) पूरी तरह सक्रिय हों और कम से कम 75 प्रतिशत मतदाता (यानी चुने हुए जनप्रतिनिधि) अस्तित्व में हों।
इससे पहले महाराष्ट्र के इन क्षेत्रों में यह तकनीकी मापदंड पूरा नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण चुनाव टालने पड़े थे। अब महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने केंद्रीय आयोग को यह पुख्ता रिपोर्ट सौंपी है कि सभी 16 क्षेत्रों में 75% सक्रियता की यह शर्त पूरी कर ली गई है। इसी हरी झंडी के बाद चुनाव आयोग ने चुनावी बिगुल फूंका है।
चुनाव कार्यक्रम की महत्वपूर्ण कड़ियां (कंप्लीट शेड्यूल)*
पाठकों की सहूलियत के लिए चुनाव प्रक्रिया का पूरा विवरण नीचे तालिका में दिया जा रहा है:
| चुनाव प्रक्रिया का चरण | निर्धारित तिथि और दिन |
|---|---|
| आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होना | 25 मई 2026, सोमवार |
| नामांकन पत्र (पर्चा) दाखिल करने की अंतिम तिथि | 01 जून 2026, सोमवार |
| नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) | 02 जून 2026, मंगलवार |
| उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि | 04 जून 2026, गुरुवार |
| मतदान (Voting) का दिन और समय | 18 जून 2026, गुरुवार (सुबह 8:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक) |
| मतगणना (Counting) और चुनाव परिणाम | 22 जून 2026, सोमवार |
| शचुनावी प्रक्रिया संपन्न होने की अंतिम डेडलाइन | 25 जून 2026, गुरुवार |
इन दिग्गज नेताओं का कार्यकाल हुआ है समाप्त
जिन 16 विधान परिषद सदस्यों (MLCs) का कार्यकाल पूरा होने की वजह से ये सीटें रिक्त हुई हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं:
प्रशांत परिचारक (सोलापुर)
अरुणकाका जगताप (अहमदनगर)
रवींद्र फाटक (ठाणे)
चंदूभाई पटेल (जलगांव)
मोहनराव कदम (सांगली-सतारा)
अमरनाथ राजूरकर (नांदेड़)
दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल)
अनिल भोसले (पुणे)
डॉ. परिणय फुके (भंडारा-गोंदिया)
अनिकेत तटकरे (रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग)
नरेंद्र दराडे (नासिक)
रामदास अंबटकर (वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली)
प्रवीण पोटे (अमरावती)
सुरेश धस (उस्मानाबाद-लातूर-बीड़)
विप्लव बाजोरिया (परभणी-हिंगोली)
अंबादानी दानवे (औरंगाबाद-जालना)
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, जून महीने के भीतर ही इस पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करा लिया जाएगा। इस चुनावी घोषणा के बाद से ही राज्य की स्थानीय और क्षेत्रीय राजनीति में शह-मात का खेल और सियासी सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं।
(संपादन एवं प्रस्तुति: हिंद आवाज मीडिया डेस्क)







