Pune Murder case: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां घरेलू विवाद में एक स्टेनो ने 5 साल के बेटे के सामने कैंची से पत्नी का गला काटकर उसकी जान ली। तो वही इसके बाद वीडियो बनाकर ऑफिस के सोशल मीडिया ग्रुप में शेयर कर दिया। वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
जी हाँ ये वारदात महाराष्ट्र के पुणे का है जहाँ पति ने कैंची से अपने बेटे के सामने ही पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद लाश के सामने खड़े होकर वीडियो भी बनाया। इस वीडियो में उसने हत्या की वजह भी बताई है। वीडियो बनाने के बाद हत्यारे पति ने पुलिस थाने जाकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने इस हत्यारे पति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारे पति का नाम शिवदास गीते बताया जा रहा है। वहीं, पत्नी का नाम ज्योती गीते है।
Pune Murder case: कब और कैसे हुई ये घटना ?
घटना वाले दिन बुधवार (22 जनवरी) को सुबह 4:30 बजे शिवदास गिते (37) और उनकी पत्नी ज्योति गिते (27) के बीच घरेलू कारणों से बहस हुई। इसके बाद शिवदास ने घर में रखे कैंची से 5 वर्षीय नाबालिग बेटे के सामने ही पत्नी ज्योति की गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसनेहत्या का पश्चाताप व्यक्त करते हुए एक वीडियो शूट किया। वीडियो को शूट करने के बाद अपने ऑफिस के सोशल मीडिया ग्रुप पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची। वीडियो पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
Pune Murder case: हत्या की क्या थी वजह ?
हत्या के बाद शिवदास ज्योति की लाश के सामने खड़ा हुआ और अपने मोबाइल फोन में तीन मिनट 39 सेकेंड का एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने इस हत्या के पीछे की वजह बताई। वीडियो बनाने के बाद खून से लटपट पड़ी हुई ज्योति की लाश को घर में छोड़कर अपने बेटे के साथ वह खराडी पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस अधिकारियों के सामने अपना जुर्म कबूला। पुणे पुलिस ने रोहिदास को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
Pune Murder case: हत्यारे ने वीडियो में दी ये सफाई।
शिवदास ने अपनी पत्नी ज्योति की लाश के सामने खड़े होकर जो वीडियो बनाया था। वह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कहता है “वह मेरे लिए लक्ष्मी थी। उसने मुझे मारने की कोशिश की थी। यह मुझे काफी देर बाद पता चला। उसके लक्षण सही नहीं थे। मैं क्या कर सकता था। मैं भी तो इंसान हूं। मेरे संरक्षण के लिए मुझे इतना बड़ा करने की नौबत आई। मेरा उद्देश्य नहीं था कि मैं उसे मारूं या और कुछ करूं। वह लक्ष्मी थी, एक लड़के को जन्म दिया था। उसे मां होने का सौभाग्य भी उसे मिला था। इसके भाई पांडुरंग आघाव, शेषराव सानप, मेरे साले पांडुरंग आघाव ने तो काफी कांड किए हैं। उसने भी मुझे मारने की कोशिश की थी, विट्ठल आघाव नाम है उसका। मेरे संरक्षण के लिए मुझे यह सब करना पड़ा। मेरे बेटे के भविष्य के लिए मैंने यह किया है। मेरे सामने कोई रास्ता नहीं था। मुझे इन लोगों ने मारने की कोशिश की थी। यह साफ सफाई और बर्तन धोने का काम करने जाती थी। इस बीच ही मेरे खिलाफ प्लानिंग भी करती थी। काम पर जाना तो इसका बहाना था। इस मासूम बच्चे का क्या अपराध है? इसे जन्म देने वाली इसकी मां इस मासूम की भी हत्या करने का प्लान करती होगी, यह भी शक है मुझे।” “कोई नहीं बेटा मैं ही बात कर रहा हूं। कोई रास्ता नहीं था मेरे पास, इसलिए मुझे यह करना पड़ा। मैं क्या करूं, अब मेरा गला सूख रहा है। मैं शिवदास तुकाराम गीते इन्होंने मुझे मारने की कोशिश की थी। मेरा गला सूख रहा है। मेरा इसकी हत्या करने का कोई भी उद्देश्य नहीं था, लेकिन अगर यह प्लान कर रही थी जो पूरा होता तो पता ही नहीं चलता कि मेरे साथ क्या हुआ है। इसकी जो भी हकीकत है वह सामने जरूर आएगी। मेरा मकसद इसकी हत्या करने का नहीं था। मैं इसको अपने पास संभाल कर रखता था। अब मैं बस इतना बता सकता हूं कि खुद की रक्षा के लिए मुझे इसे मारना पड़ा। मैंने आज तक कोई भी अपराध नहीं किया है, लेकिन मुझे ऐसा करने पर इसने मजबूर किया है। सतीश राव खेड़कर नाम होगा उसका, मेरा साढ़ू और वह दूसरा उसका बाप भी पहले बड़ा बदमाश था। उसने भी पहले काफी लोगों की हत्या की है, तालाब के अंदर पीछे। एक लड़का है, मैं उसका नाम नहीं जानता, लेकिन उसके पिता की भी इन लोगों ने ही हत्या की है। रंजीत खेड़कर के पिता का नाम पता नहीं मुझे। इनके गांव का नाम एकनाथ वाडेगांव है। यहां सभी अपराधी प्रवृत्ति के हैं इसलिए कोई इनके नाद में भी नहीं लगता।”