चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनोर स्थित ऐतिहासिक विट्ठल मंदिर परिसर ‘हनुमानमयी’ नजर आया। चारों ओर भगवा ध्वज, वातावरण में गूंजते हनुमान चालीसा के पाठ और मृदंग की थाप ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक आभा से सराबोर कर दिया। हर वर्ष की परंपरा को जीवंत रखते हुए इस साल भी श्री हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत वैभवशाली और भक्तिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
भजन मंडलियों ने घोला भक्ति का रस
उत्सव का मुख्य आकर्षण क्षेत्र की प्रसिद्ध भजन और कीर्तन मंडलियाँ रहीं। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में ‘हरी नाम संकीर्तन’ का शंखनाद हुआ। मृदंग, झांझ और ताल की जुगलबंदी पर जब कीर्तनकारों ने भगवान के महिमा का गुणगान शुरू किया, तो श्रद्धालु स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए। मंडलियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक अभंगों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा मनोर भक्ति के सागर में गोते लगा रहा हो।
मनोर (पालघर) भक्ति के रंग में रंगा मनोर: बजरंग बली के जयकारों के साथ निकला नगर भ्रमण, कीर्तन की गूंज से निखरा उत्सव
By Neha
On: Friday, April 3, 2026 10:57 AM
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