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Hairfall in Maharashtra: बुलढाणा में बाल झड़ने का आया संकट, सरकारी गेहूं में सेलेनियम की अधिकता बनी बड़ी वजह!

On: Tuesday, February 25, 2025 12:24 PM
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Hairfall in Maharashtra: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अचानक बाल झड़ने (एक्यूट एलोपेशिया टोटलिस) के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी मुख्य वजह सरकारी राशन दुकानों से मिलने वाले गेहूं में अत्यधिक सेलेनियम (High Selenium) की मात्रा बताई जा रही है।

पद्मश्री सम्मानित डॉ. हिमतराव बावस्कर की रिपोर्ट में इस गंभीर समस्या का खुलासा हुआ है, जिसमें पाया गया कि पंजाब और हरियाणा से आया गेहूं 600 गुना अधिक सेलेनियम युक्त था।

Hairfall in Maharashtra: 279 लोग हुए प्रभावित

दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच बुलढाणा के 18 गांवों के 279 लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए। राष्ट्रीय स्तर पर यह मामला चर्चा में आने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच के आदेश दिए थे।

सबसे अधिक प्रभावित कॉलेज छात्राएं और युवा लड़कियां हुईं, जिनकी पढ़ाई और तय हुई शादियां इस कारण प्रभावित हुईं। सामाजिक दबाव के कारण कई लड़कियों ने सिर मुंडवा लिया, ताकि बाल झड़ने की शर्मिंदगी से बचा जा सके।

Hairfall in Maharashtra: क्या है सेलेनियम और इसके दुष्प्रभाव?

सेलेनियम एक खनिज है, जो मिट्टी, पानी और कुछ खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। यह शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन अधिक मात्रा में सेलेनियम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

डॉ. बावस्कर ने बताया कि सेलेनियम की अधिकता से पीड़ितों में सिरदर्द, बुखार, सिर में खुजली, झुनझुनी, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए। अत्यधिक सेलेनियम की वजह से तीन-चार दिनों के अंदर प्रभावित लोगों के सभी बाल झड़ गए।

Hairfall in Maharashtra: रक्त, मूत्र और बालों में सेलेनियम की मात्रा

  • रक्त में 35 गुना अधिक
  • मूत्र में 60 गुना अधिक
  • बालों में 150 गुना अधिक

इसके अलावा, प्रभावित लोगों में जिंक की कमी भी देखी गई, जो शरीर में पोषण असंतुलन का संकेत देता है।

Hairfall in Maharashtra: राशन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

बुलढाणा जिला पहले से ही सूखा, क्षारीय मिट्टी और कृषि संकट से जूझ रहा है। यहां के लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं, लेकिन राशन की गुणवत्ता की सही जांच नहीं हो रही

डॉ. बावस्कर ने सरकार को राशन की सख्त निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर ध्यान देने का सुझाव दिया। सरकार ने सेलेनियम युक्त गेहूं के सेवन पर तुरंत रोक लगाने की सलाह दी। इसके बाद कुछ प्रभावित लोगों ने 5-6 हफ्तों में आंशिक रूप से बालों के वापस उगने की सूचना दी।

Hairfall in Maharashtra: क्या किया जाना चाहिए?

  1. सरकारी राशन की कड़ी जांच और गुणवत्ता नियंत्रण
  2. सेलेनियम की मात्रा नियंत्रित करने के लिए सख्त मानक
  3. प्रभावित लोगों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच और इलाज
  4. राशन सप्लाई चेन की निगरानी और पारदर्शिता

बुलढाणा की यह घटना सरकारी खाद्य सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाती है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस तरह की स्वास्थ्य आपदाएं और बढ़ सकती हैं।

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