डहाणू (पालघर):
डहाणू तालुका में अवैध निजी सावकारी के अमानवीय चेहरे का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चिंचणी क्षेत्र के एक मेहनतकश डाय-मेकिंग व्यवसायी की आत्महत्या के बाद मिले तीन पन्नों के सुसाइड नोट ने सावकारी के संगठित काले जाल को उजागर कर दिया है। नोट में लगातार मानसिक उत्पीड़न, धमकियों और अवैध ब्याज वसूली को आत्महत्या का प्रत्यक्ष कारण बताया गया है।
चिंचणी निवासी स्वर्गीय किशोर दवणे अपने परिवार का पालन-पोषण डाय-मेकिंग व्यवसाय से करते थे। व्यवसाय विस्तार के लिए उन्होंने नई वायरकट मशीन खरीदी और कार्यशाला का नवीनीकरण कराया, जिसके लिए उन्हें विभिन्न स्रोतों से ऋण लेना पड़ा। हाल के महीनों में आर्थिक मंदी के चलते कर्ज की किश्तें समय पर अदा न हो पाने से उनकी परेशानियाँ बढ़ती चली गईं।
मदद के नाम पर शुरू हुआ शोषण
आर्थिक संकट के दौरान किशोर दवणे ने कुछ निजी साहूकारों से ऊँचे ब्याज पर धन लिया। शुरुआत में यह राशि सहारा बनी, लेकिन जल्द ही यही कर्ज उनके लिए मानसिक यातना का कारण बन गया।
मूलधन से कई गुना राशि लौटाने के बावजूद साहूकारों द्वारा “अभी भी ब्याज बाकी है” कहकर लगातार फोन पर गाली-गलौज, धमकियाँ और दबाव डाला जाता रहा। सार्वजनिक स्थानों पर रोककर अपमानित किए जाने से वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे।
आत्महत्या और सुसाइड नोट
लगातार हो रहे इस अमानवीय उत्पीड़न से तंग आकर 2 अगस्त 2025 को किशोर दवणे ने अपने घर के बेडरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभ में मामले की अकस्मात मृत्यु के रूप में नोंद की गई थी।
हालाँकि, 11 अगस्त को घर की सफाई के दौरान बेड के नीचे से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसने पूरे प्रकरण को गंभीर मोड़ दे दिया।
पाँच निजी साहूकारों के नाम उजागर
सुसाइड नोट में अवैध सावकारी और मानसिक उत्पीड़न को आत्महत्या का कारण बताते हुए पाँच निजी साहूकारों के नाम स्पष्ट रूप से लिखे गए हैं—
नितिन उमराव जैन (वाणगांव), इंद्रदेव विश्वनाथ गुप्ता (चिंचणी), तुषार हरेश साळसकर (चिंचणी), अरविंद रखमाजी पाटील उर्फ पिंटा (अंधेरी, मुंबई) तथा मंगेश भालचंद्र चुरी (चिंचणी)।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
मृतक के पुत्र जय किशोर दवणे की शिकायत पर 20 दिसंबर को वाणगांव पुलिस थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 तथा महाराष्ट्र सावकारी (नियमन) अधिनियम-2014 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर अपराध दर्ज किया गया है।
फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। मामले की आगे की जांच वाणगांव पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक तुषार पाचपुते के मार्गदर्शन में जारी है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना अवैध सावकारी के बढ़ते खतरे और प्रशासनिक नियंत्रण की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रश्न यह है कि—अवैध सावकारी पर सख्त कार्रवाई कब होगी और कब तक मेहनतकश लोग इस काले कारोबार का शिकार बनते रहेंगे?
कल्पेश दलवी की रिपोर्ट







