बोईसर, पालघर:
औद्योगिक केंद्र बोईसर के टीमा मैदान में ‘बिहार जनसेवा संस्था’ द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, बिहार के प्रखर राजनेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने ‘हिंद आवाज मीडिया’ के साथ हुई एक एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रवासी कामगारों की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे आर्थिक शोषण पर कड़ा रुख अपनाया है। हिंद आवाज मीडिया के जिला संवाददाता पराग यादव ने इस कार्यक्रम के दौरान जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर उनसे बेबाक चर्चा की।
प्रवासियों की गाढ़ी कमाई और रास्ते का जोखिम
संवाददाता पराग यादव से बातचीत के दौरान पूर्व सांसद ने उस मर्म को छुआ, जिससे उत्तर भारत का हर प्रवासी परिवार प्रभावित होता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
“हमारे लोग हजारों मील दूर परदेश में दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करते हैं। लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब वे अपने घर लौटते हैं, तो रास्ते में उनके साथ चोरी और लूटपाट जैसी घटनाएं होती हैं। अपराधी उनके खून-पसीने की गाढ़ी कमाई और कीमती सामान छीन लेते हैं। मैंने पूर्व में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है और हिंद आवाज मीडिया द्वारा साझा किए गए इन संवेदनशील तथ्यों के बाद, मैं पुनः इस बात को मजबूती से रखूँगा और प्रशासन से समाधान के लिए भरपूर प्रयास करूँगा।”
यातायात में भारी असुविधा और टिकटों की कालाबाजारी
प्रवासी नागरिकों से प्राप्त जानकारी और जन-फीडबैक के आधार पर पराग यादव ने रेल टिकटों की ‘ब्लैकमेलिंग’ का मुद्दा प्रमुखता से रखा। यात्री समाज की शिकायतों के अनुसार, ₹1000 का रेल टिकट एजेंटों के माध्यम से ₹4000 से ₹5000 तक की मनमानी कीमतों पर मिलता है, जबकि रेलवे काउंटर पर आम यात्रियों के लिए टिकटें तुरंत ‘नो रूम’ (No Room) हो जाती हैं। इतनी भारी रकम चुकाने के बावजूद यात्रियों को ट्रेनों में न तो पर्याप्त सुरक्षा मिल रही है और न ही बुनियादी सुविधाएं। आनंद मोहन ने इस पर कड़ा आश्वासन दिया कि वे इस धांधली के खिलाफ उच्च स्तर पर और रेल मंत्रालय के समक्ष अपनी बात पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।
राज्य सरकारों का संवैधानिक और नैतिक उत्तरदायित्व
पूर्व सांसद ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रवासियों के प्रति राज्य सरकारों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चर्चा के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
आर्थिक योगदान का सम्मान: जिस राज्य के औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को खड़ा करने में इन श्रमिकों का पसीना लगा है, उस राज्य की सरकार का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह उन्हें सुरक्षा, सम्मान और पूर्ण सहयोग प्रदान करे।
प्रशासनिक जवाबदेही: लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में रोजी-रोजगार के लिए आते हैं, ऐसे में स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण या सुरक्षा में चूक न हो।
राष्ट्र निर्माण में भूमिका: आनंद मोहन ने स्पष्ट किया कि प्रवासियों को उनके श्रम का उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने हिंद आवाज मीडिया को आश्वस्त किया कि वे इस दिशा में नीतिगत सुधार और प्रवासियों के हक के लिए अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।
हिंद आवाज मीडिया की इस निर्भीक और जनहितैषी पत्रकारिता की सराहना करते हुए आनंद मोहन ने विश्वास दिलाया कि वे इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहेंगे। बिहार जनसेवा संस्था के कार्यक्रम के दौरान हुई इस शिष्टाचार मुलाकात ने पालघर जिले के भारी संख्या में मौजूद प्रवासियों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है कि उनकी आवाज अब प्रभावी ढंग से शासन और प्रशासन के शीर्ष गलियारों तक पहुँचेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: हिंद आवाज मीडिया
विशेष कवरेज: पराग यादव (जिला रिपोर्टर)







