…पालक मंत्री गणेश नाईक
सातपाटी मत्स्य बंदरगाह का 350 करोड़ का महासंकल्प; 24 महीनों में बनेगा आधुनिक बंदरगाह
…मत्स्य पालन एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे

पालघर, 8 मई 2026: पालघर जिले के पालक मंत्री और राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने विश्वास व्यक्त किया है कि सातपाटी बंदरगाह का विकास केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह पालघर जिले के आर्थिक परिवर्तन की आधारशिला साबित होगा।
पालघर जिले के महत्वपूर्ण मछली पकड़ने के केंद्र सातपाटी में लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक मत्स्य बंदरगाह विकास परियोजना का भूमिपूजन समारोह बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्य के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड (MMB) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना से पारंपरिक मछुआरों को आधुनिक सुविधाएं, सुरक्षित नौका परिवहन और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, मनीषा चौधरी, राजन नाईक, विलास तरे, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, उप वन संरक्षक दिवाकर निरंजन, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, सातपाटी की सरपंच सीमा भोईर सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति, मत्स्य पालन संस्थाओं के पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
पालक मंत्री गणेश नाईक के मुख्य विचार:
- पालक मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि इस परियोजना से सातपाटी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और भविष्य में यह गांव नगर पालिका बनने की क्षमता तक विकसित होगा।
- उन्होंने वाधवन बंदरगाह के संबंध में स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की भूमिका भूमिपुत्रों के हितों को प्राथमिकता देने की है।
- मछुआरों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “सरकार समुद्र में 10-15 दिनों तक अपनी जान जोखिम में डालकर मछली पकड़ने वाले पारंपरिक मछुआरों के दर्द को समझती है। कभी-कभी डीजल का खर्च भी नहीं निकलता, ऐसी स्थिति में उन्हें सशक्त बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि मानसून के दौरान खराब हुई सूखी मछली के नुकसान के प्रति भी राज्य सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है।
मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे की घोषणाएं: - मंत्री नितेश राणे ने सातपाटी बंदरगाह परियोजना को “पारंपरिक मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का राजमार्ग” बताया।
- उन्होंने आश्वासन दिया कि 24 महीनों में काम पूरा कर लिया जाएगा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इसका उद्घाटन होगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, किसी भी अधिकारी को देरी करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए।”
- उन्होंने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया और जानकारी दी कि मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड, मुआवजा और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
- उन्होंने बताया कि राज्य के मत्स्य पालन विभाग का बजट 212 करोड़ से बढ़ाकर 1240 करोड़ कर दिया गया है और ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ मछुआरों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी।
एलईडी (LED) मछली पकड़ने पर सख्त रुख:
एलईडी मासेमारी के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए नितेश राणे ने कहा कि पारंपरिक मछुआरों के हितों के खिलाफ जाने वालों को सरकार का समर्थन नहीं मिलेगा। ड्रोन के माध्यम से अवैध मछली पकड़ने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और अब तक एक हजार से अधिक नौकाओं पर कार्रवाई हुई है। उन्होंने मत्स्य पालन संस्थाओं से भी अपील की कि वे एलईडी मासेमारी करने वालों को डीजल की आपूर्ति बंद करें।
परियोजना का लाभ:
सातपाटी खाड़ी में गाद (silt) जमा होने के कारण नौकाओं के आवागमन और मछली पकड़ने में काफी दिक्कतें आ रही थीं। नई परियोजना के तहत बंदरगाह का गहरीकरण (dredging), आधुनिक सुविधाएं, सुरक्षित जेटी, मछली प्रसंस्करण (processing) सुविधाएं और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने वाले कार्य किए जाएंगे। इससे पालघर के तटीय क्षेत्र में मत्स्य पालन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।







