पालघर: केंद्र सरकार द्वारा देश भर में २१ नवंबर २०२५ से लागू की गई चार प्रमुख श्रम संहिताओं (Labour Codes) के बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य स्तरीय नियमों का मसौदा (Draft) तैयार कर लिया है। इन नए नियमों का सीधा प्रभाव उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और करोड़ों कामगारों के भविष्य पर पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए कामगार विभाग ने आम जनता से अपनी राय और आपत्तियां दर्ज कराने का आह्वान किया है।
महत्वपूर्ण तिथि: २७ जून २०२६ तक का समय
कामगार उप आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नियमों के इस मसौदे पर अधिसूचना प्रसिद्ध होने की तारीख (१३ मई २०२६) से ४५ दिनों के भीतर अभिप्राय देना अनिवार्य है।
अंतिम तिथि: ४५ दिनों की गणना के अनुसार, नागरिक अपनी सूचनाएं और आपत्तियां २७ जून २०२६ तक विभाग को भेज सकते हैं।
समय सीमा: २७ जून २०२६ की शाम कार्यालयीन समय (शाम ५:४५ बजे) तक प्राप्त होने वाले पत्रों और उस दिन की मध्यरात्रि तक प्राप्त होने वाले ई-मेल पर ही विचार किया जाएगा।
इन ४ संहिताओं में समाहित हुए २९ कानून
प्रशासन ने बताया कि अब पुराने २९ श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें चार प्रमुख संहिताओं में बदल दिया गया है:
१. वेतन संहिता २०१९: वेतन भुगतान और बोनस से जुड़े नियम।
२. औद्योगिक संबंध संहिता २०२०: ट्रेड यूनियन और विवादों का निपटारा।
३. सामाजिक सुरक्षा संहिता २०२०: पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा लाभ।
४. व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता २०२०: कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी।
राय दर्ज कराने के माध्यम
कामगार उप आयुक्त विजय चौधरी के अनुसार, नागरिक नियमों का विस्तृत अध्ययन आधिकारिक वेबसाइट https://mahakamgar.maharashtra.gov.in पर कर सकते हैं। अपनी राय देने के लिए दो विकल्प उपलब्ध हैं:
१. ई-मेल: अपनी आपत्तियां mh.labourcodes@gmail.com पर भेजें। (विषय में ‘Suggestions on Draft Labour Rules’ अवश्य लिखें)।
२. लिखित पत्र: अपना पत्र इस पते पर डाक या व्यक्तिगत रूप से पहुँचाएं:
कामगार आयुक्त कार्यालय, कामगार भवन, सी-२०, ई-ब्लॉक, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), बांद्रा (पूर्व), मुंबई – ४०० ०५१.
निर्धारित समय सीमा यानी २७ जून के बाद मिलने वाले किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। श्रमिक संगठनों और जागरूक नागरिकों के लिए यह नियमों में सुधार का अंतिम अवसर है।







