
बोईसर
पालघर जिले के औद्योगिक नगर बोईसर में गौभक्तों, साधु-संतों और प्रबुद्ध नागरिकों ने एकजुट होकर ‘गौ सम्मान आवाहन हस्ताक्षर अभियान’ के माध्यम से प्रशासन के समक्ष अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान के अंतर्गत भारी संख्या में एकत्रित जनसमूह ने पालघर तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर चार महत्वपूर्ण हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपे।
इस दौरान बोईसर क्षेत्र के समस्त गौभक्त, साधु-संत समाज और स्थानीय नागरिकों ने संगठित रूप से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के सामने रखा। ज्ञापन के माध्यम से गौ माता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचेगी जनभावना
तहसीलदार को सौंपे गए इन मांग पत्रों को देश और राज्य के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का विशेष आग्रह किया गया है। इन पत्रों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा तक प्रेषित करने की मांग की गई है, ताकि आम जनमानस की भावनाएं सीधे निर्णय लेने वाले शीर्ष स्तर तक पहुंच सकें।
आस्था और संस्कृति का प्रतीक है यह अभियान
कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का मूल केंद्र हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘गौ सम्मान आवाहन हस्ताक्षर अभियान’ केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की आस्था और भावना का प्रतीक है। संतों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और सरकार इस विषय की गंभीरता को समझते हुए सकारात्मक और ठोस निर्णय लेगी।
अनुशासन के साथ दर्ज हुआ विरोध
इस अवसर पर बोईसर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गौभक्त, धर्मप्रेमी नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह आंदोलन एक अत्यंत संगठित और प्रभावशाली रूप में प्रशासन के सामने आया। गौभक्तों का कहना है कि जब तक गौ माता को उनका उचित सम्मान नहीं मिल जाता, इस प्रकार के जनजागरण अभियान जारी रहेंगे।
बोईसर संवाददाता- प्रयाग यादव की रिपोर्ट







