पालघर:
पालघर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए शहर के एक बंद घर में हुई सनसनीखेज चोरी की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचा है, जिसके सिर पर पहले से ही चोरी के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि पीड़ित परिवार का चोरी हुआ कीमती सामान भी बरामद कर लिया है।
कब और कैसे हुई वारदात?
घटना पालघर के देविशा रोड स्थित नंदाभुवन बिल्डिंग की है। यहाँ रहने वाली 64 वर्षीय श्रीमती भारती नितिनकुमार कर्णिक दिनांक 13 मई 2026 की रात को अपने घर से बाहर थीं। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर एक अज्ञात चोर ने उनके घर को निशाना बनाया।
चोर ने रात के अंधेरे में घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़ी और बड़े आराम से अंदर दाखिल हो गया। घर की अलमारी खंगालते हुए उसने 45 ग्राम सोने के गहने, 5 चांदी के सिक्के और नकद राशि सहित करीब 1,20,000 रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। घटना का पता तब चला जब 14 मई की सुबह घर की मालकिन वापस लौटीं।
जांच का जाल और ‘टेक्निकल’ सुराग
शिकायत दर्ज होने के बाद पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतिश देशमुख ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और पालघर पुलिस की दो अलग-अलग टीमें बनाईं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने गुप्त सूचना तंत्र (मुखबिरों) को सक्रिय किया।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को इश्तियाक मोबीन अंसारी (59 वर्ष) नामक व्यक्ति पर संदेह हुआ, जो मूल रूप से टिटवाला (कल्याण) का रहने वाला है। जाल बिछाकर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने पालघर में की गई इस चोरी का जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी का काला इतिहास: 15 वारदातों में शामिल
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इश्तियाक कोई मामूली चोर नहीं है। वह एक पेशेवर अपराधी है जिसके खिलाफ मुंबई, ठाणे शहर और मीरा-भायंदर के अलग-अलग थानों में चोरी और जबरन लूट के कुल 15 मामले पहले से दर्ज हैं। वह अक्सर बंद घरों की रेकी कर चोरी को अंजाम देता था।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपी के पास से सफलतापूर्वक निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
44 ग्राम सोने के आभूषण (चोरी किए गए अधिकांश जेवर)।
4 चांदी के सिक्के।
जांच टीम की पीठ थपथपाई
इस सफल कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरले के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटिल, पीएसआई स्वप्निल सावंतदेसाई, विट्ठल मणिकेरी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे यह पूछताछ की जा रही है कि पालघर क्षेत्र में उसने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।







