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तारापुर औद्योगिक क्षेत्र की रेमी कंपनी में भीषण विस्फोट; दो श्रमिक गंभीर रूप से झुलसेराष्ट्रीय पैंथर्स आघाड़ी ने गहन जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की |

On: Saturday, November 1, 2025 7:26 PM
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पालघर :

तारापुर-बोईसर औद्योगिक क्षेत्र के रेमी ग्रुप ऑफ कंपनीज (प्लॉट क्र. N-211/1) में मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 3:40 बजे भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें दो श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए।
राष्ट्रीय पैंथर्स आघाड़ी की ओर से 31 अक्टूबर को संगठन के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सह-निदेशालय, पालघर को पत्र सौंपकर इस घटना की गहन जांच करने और पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने की मांग की है।

इस विस्फोट में अतिक खान और वसीम सलमानी नामक दोनों श्रमिक 50 से 60 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के लिए दोनों को बोईसर के शगुन अस्पताल और साईली अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन वसीम सलमानी की हालत नाजुक होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए वापी के सिटी हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी ने एसी की मरम्मत का काम ‘एडवांस कूलिंग एजेंसी’ नामक ठेका संस्था को दिया था। इलेक्ट्रिकल एसी पैनल में कम्प्रेसर बदलने का काम चल रहा था, तभी अचानक विस्फोट हुआ और दोनों श्रमिक झुलस गए। कंपनी के सुरक्षा अधिकारी बी. पी. सिंह ने बताया कि “एसी सर्विसिंग के दौरान गैस की मात्रा अधिक हो जाने से विस्फोट हुआ।”
हालांकि, कुछ प्रत्यक्षदर्शी और सहकर्मी श्रमिकों का कहना है कि “कामगारों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण का अभाव था।”

गंभीर रूप से झुलसे अतिक खान लगभग पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले कुशल श्रमिक हैं। संगठन ने कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी ने श्रमिक सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही बरती है। औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों के अनुसार, ठेका प्रणाली से कार्य करने वाले श्रमिकों को भी दुर्घटना के समय मुआवज़ा देना अनिवार्य है, लेकिन कंपनी ने अब तक किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं की है — यह जानकारी अतिक खान के परिजनों ने दी।

इस पृष्ठभूमि में, राष्ट्रीय पैंथर्स आघाड़ी ने प्रशासन से इस घटना की गहन जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, दोनों श्रमिकों को पूरी तरह स्वस्थ होने तक इलाज हेतु सभी आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा शारीरिक और आर्थिक नुकसान की संपूर्ण भरपाई देने की मांग की है।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र में कामगारों की सुरक्षा केवल कंपनी की ही नहीं, बल्कि प्रशासन की भी समान जिम्मेदारी है। बार-बार होने वाली ऐसी दुर्घटनाओं से प्रशासन को जागने की आवश्यकता है, और जिम्मेदार कंपनियों पर कठोर कार्रवाई करने का समय आ गया है।

इस अवसर पर संगठन के प्रमुख अविश राऊत, कोषाध्यक्ष भरत महाले, सह-सचिव लहानु डोबा, राष्ट्रीय सदस्य एवं जिलाध्यक्ष संतोष कांबळे, जिला महिला आघाड़ी अध्यक्षा विद्याताई जाधव, जिला समन्वयक उमेश कापसे, सदस्य निलेश गायकवाड, तालुका अध्यक्ष किशोर राऊत, मुख्य सलाहकार अहमद खान, दिनकर वानखेडे, मोखाड़ा तालुका अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, कार्याध्यक्ष लक्ष्मण खुताडे, उपाध्यक्ष अर्जुन बशिरे, महिला आघाड़ी उपाध्यक्षा शालिनी वानखेडे तथा जिले के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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