सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश ने पालघर जिले की डहाणू और तलासरी तहसीलों में खेती व जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लगातार वर्षा के कारण कटाई के लिए तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई, जिससे किसानों के लिए फसल की कटाई लगभग असंभव हो गई। गिरी हुई फसलों में बड़े पैमाने पर अंकुरण (मोड) शुरू हो गया है, जिससे उपज की गुणवत्ता और मूल्य दोनों पर भारी बुरा असर पड़ा है। साथ ही, क्षेत्र के चीकू (सपोटा) बागानों में भी फलों को भारी क्षति पहुँची है।
इस संकटग्रस्त स्थिति का आकलन करने के लिए पालकमंत्री गणेश नाईक, सांसद डॉ. हेमंत सवरा और विधायक राजेंद्र गावीत ने डहाणू तहसील का दौरा किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इंदुराणी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, जिला कृषि अधिकारी निलेश भागेश्वर, तहसीलदार सुनील कोळी, गटविकास अधिकारी पल्लवी सस्ते, उपविभागीय कृषि अधिकारी तरुणकुमार वैती तथा तहसील कृषि अधिकारी अनिल नरगुलवार भी उपस्थित थे।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों के पंचनामे त्वरित रूप से तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित किए जाएँ। साथ ही, उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि शासन की ओर से उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
28 सितंबर की रात कुर्झे बांध के दरवाजे खोले जाने के बाद तलासरी तहसील की नदियों में अचानक बाढ़ आ गई। वंकास, सवणे, वडवली और तलासरी के कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। डहाणू के आशागड़ और सावटा गांव भी बाढ़ की चपेट में आए। सावटा नदी में आई बाढ़ के कारण सावटा बंदर, नवापाड़ा, पातरपाड़ा और मस्जिद क्षेत्र के घर पानी में डूब गए। कुछ स्थानों पर पानी का स्तर पाँच फुट तक पहुँच गया, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वर्तमान में प्रशासन द्वारा प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रभावित नागरिकों और किसानों की ओर से पंचनामे की प्रक्रिया को तेज करने तथा तत्काल राहत व मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।







