महाराष्ट्र/मुंबई:
आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों, मुनाफाखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इतिहास की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई का अभियान छेड़ दिया है। जब से एफडीए आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे ने प्रशासनिक कमान संभाली है, तब से पूरे राज्य के होटल, ढाबे, बड़े क्लब और खाद्य निर्माताओं में हड़कंप मचा हुआ है। आम आदमी की थाली तक पहुंचने वाले दूध, मसालों, जंक फूड और राष्ट्रीय राजमार्गों (जैसे NH-48) के साथ-साथ मुंबई के कुलीन व पॉश इलाकों में संचालित होने वाले खान-पान के अड्डों पर प्रशासन की यह अब तक की सबसे पैनी और बेखौफ कार्रवाई है।
संबंधित विभागीय, आधिकारिक निरीक्षणों हालिया, छापों और मीडिया रिपोर्ट, पर आधारित इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कहां-कहां और किन प्रमुख प्रतिष्ठित क्लबों व प्रतिष्ठानों पर गाज गिरी है:
1. मुंबई के 5 नामी और हाई-प्रोफाइल क्लबों पर एफडीए की सबसे बड़ी स्ट्राइक, लाइसेंस निलंबित
आयुक्त तुकाराम मुंढे के प्रत्यक्ष निर्देशों के तहत एफडीए की प्रवर्तन टीमों ने मुंबई के कई प्रतिष्ठित और नामी-गिरामी क्लबों के खान-पान परिसरों व किचनों पर अचानक औचक छापे मारे। जांच के दौरान गंभीर अन्न सुरक्षा और स्वच्छता त्रुटियां पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए हैं:
- प्रमुख क्लब जिन पर हुई कार्रवाई: अन्न सुरक्षा और मानक प्राधिकरणा (FSSAI) के नियमों का उल्लंघन मिलने पर मुंबई के प्रतिष्ठित क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI), बांद्रे पूर्व स्थित MIG क्रिकेट क्लब, आर. के. जुहू जिमखाना, अपर्णा जुहू जिमखाना और विलिंग्डन स्पोर्ट्स क्लब के अन्न परवाने (फूड लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
- छापेमारी में मिले चौंकाने वाले खुलासे: इन एलिट और पॉश क्लबों की रसोइयों की जब गहन जांच की गई, तो वहां प्रशासनिक अमला भी दंग रह गया। निरीक्षण के दौरान किचनों में जिंदा और मरे हुए कॉकरोच, किचन काउंटर पर झाडू का उपयोग, फर्श पर ही बर्तन धोने और रखने की लापरवाही, फंगस (बुरशी) लगी सब्जियां, ज्यादा पके हुए मशरूम, जंग लगे उपकरण तथा मुदतबाह्य (Expired) खाद्य पदार्थों का खुलेआम इस्तेमाल पकड़ा गया। नियमों की इस गंभीर अनदेखी पर प्रशासन ने बिना किसी नरमी के सीधे लाइसेंस रद्दीकरण व निलंबन की कार्रवाई की है।
2. अन्य नामी रेस्टोरेंट और गोरेगाव स्पोर्ट्स क्लब पर नोटिस व कार्रवाई - बिना परवाना व्यवसाय: मुंबई के गोरेगाव स्पोर्ट्स क्लब सहित अन्य कुछ आस्थापनाओं द्वारा बिना वैध परवाने के व्यवसाय संचालित किए जाने पर एफडीए ने उन्हें सख्त नोटिस जारी कर कामकाज बंद करने के निर्देश दिए हैं।
- मुंबई के अन्य होटल: इससे पहले भेंडीबाजार स्थित ‘शालिमार हॉस्पिटॅलिटी’, ‘नूर मोहम्मदी’ और ‘रहमानिया रेस्टॉरंट’ सहित कई अन्य बड़े प्रतिष्ठानों के किचनों में अस्वच्छता मिलने पर उनके लाइसेंस निलंबित किए गए थे।
3. पालघर और वसई-विरार बेल्ट में प्रशासनिक सुगबुगाहट और होटल संचालकों पर शिकंजा
पालघर जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी एफडीए का प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। - व्यापारी बैठक और चेतावनी: पालघर जिले के वसई-विरार, मनोर और आसपास के ग्रामीण पट्टों में एफडीए के सहायक आयुक्त एवं प्रवर्तन टीमों ने स्थानीय होटल चालक-मालक संघों की बैठकें आयोजित कर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
- वसई-विरार और पालघर जिला मुख्यालय क्षेत्र में कार्रवाई: नियमों का पालन न करने वाले स्थानीय क्षेत्रों, वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र तथा पालघर जिला प्रशासनिक केंद्र के इर्द-गिर्द स्थित खान-पान के स्टॉल्स, कैंटीनों और छोटे प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की पैनी नजर है। जिला प्रशासनिक केंद्र के आसपास बिना वैध खाद्य लाइसेंस के चल रहे टी-स्टॉल्स और खान-पान की रेहड़ियों का औचक निरीक्षण किया गया है। अस्वच्छता और बासी खाद्य सामग्री मिलने पर कई संचालकों को तुरंत चेतावनी दी गई तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
4. राष्ट्रीय राजमार्गों (NH-48) और स्थानीय ढाबों पर विशेष निगरानी
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) तथा पालघर-मनोर बेल्ट से गुजरने वाले मार्ग पर स्थित अनगिनत ढाबों, होटलों और रोडसाइड फूड स्टॉल्स पर एफडीए की विशेष नजर है। - अजीनोमोटो और बासी सामग्री पर रोक: हाईवे के किनारे बने ढाबों और चाइनीज फास्ट फूड स्टॉल्स पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ‘अजीनोमोटो’ (Monosodium Glutamate) के बेधड़क इस्तेमाल, रंग के अवैध प्रयोग और बासी भोजन को परोसने की शिकायतों पर लगातार औचक सैंपलिंग की जा रही है।
- अनिवार्य मानक: हाईवे के इन होटलों और ढाबों को अब अपने किचन की स्वच्छता, पीने के शुद्ध पानी की उपलब्धता और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रशिक्षण के पुख्ता दस्तावेज दिखाने अनिवार्य किए गए हैं। नियमों की अवहेलना मिलने पर सीधे विधिक कार्रवाई का प्रावधान लागू है।
5. सिंथेटिक दूध और मिलावट के काले कारोबार पर राज्यव्यापी प्रहार
दूध जैसी आवश्यक वस्तु, जो हर घर की दैनिक जरूरत है, उसमें हो रही खतरनाक मिलावट को रोकने के लिए पालघर, ठाणे, मुंबई और पुणे बेल्ट में व्यापक छापामार अभियान चलाया गया है। - करोड़ों की जब्ती: अवैध रूप से केमिकल्स, यूरिया और पाम ऑयल का उपयोग कर सिंथेटिक दूध बनाने वाली इकाइयों का भंडाफोड़ किया गया है।
- आपराधिक प्रकरण: इन मामलों में संलिप्त संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
खबरदीप जनमंच की अपील:
महाराष्ट्र एफडीए की यह कठोर प्रशासनिक नीति यह सिद्ध करती है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी स्तर के रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।
खबरदीप जनमंच अपने सम्मानित पाठकों से अपील करता है कि आपके आसपास या स्थानीय मार्ग के किसी भी होटल, ढाबे अथवा प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी या मिलावट का मामला सामने आए, तो इसकी सूचना प्रशासन या हमारे मीडिया संस्थान हेडक्वार्टर से संपर्क करें। आपकी जागरूकता और हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता एक स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज की स्थापना में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रहेगी।







